भेड़ें और भेड़िये

Share with others

Summary, question and answers and notes of the NBSE class 10 Hindi chapter 1 भेड़ें और भेड़िये: भेड़ें और भेड़िये कहानी के माध्यम से कवि हरिशंकर परसाई वर्तमान काल में होने वाले चुनावों की आलोचना करते हैं l इस कहानी में लेखक ने एक वन के बारे में कहा है जहां सब जानवर यह निर्णय करते हैं कि वहां एक प्रजातंत्र की स्थापना की जाएगी l पर चुनाव की बात सुनकर भेड़िये चिंता में आ गए क्योंकि उस जंगल में भेड़ें और दूसरे जानवरों की संख्या 90% थी, जबकि भेड़िये सिर्फ 10% ही थे l इसका मतलब अगर चुनाव होते तो भेड़िये कभी चुनाव नहीं जीत पाते l इसका मतलब यह होता कि अगर भेड़ें चुनाव जीत जाते हैं तो भेड़िये कभी और उनका शिकार नहीं कर पता l जैसे-जैसे चुनाव का चुनाव का दिन निकट आता जा रहा था, भेड़िये की चिंता बढ़ रही थी l

बड़हर भेड़िए के आसपास दो-चार सियार रहते ही है जो भेड़िये के शिकार किए जाने वाले जानवरों की हड्डियों पर जीवित रहते l एक बूढ़ा सियार ने एक उपाय सोचा और तीन सियार को हरे, नीले और पीले रंगों में रंग दिया l उसने भेड़िए का रूप भी बदला l मस्तक पर तिलक लगाया, गले में कंठी पहनाई और मुंह में घास के तिनके खोंस दिए l उसने भेड़िए से कहा कि वह अपने सिर को झुका कर रखें और कुछ ना बोले l भेड़िए ने वैसा ही किया l

फिर वह सब एक भेड़ें के सभा में पहुंचे जहा सियाँर ने भेड़िये की जमकर तारीफ की और कहा कि भेड़िये ही भेड़ें के हित की रक्षा कर सकते हैं l भेड़िये वैसे ही बदनाम है जबकि वह हिंसा छोड़ दिया है l भेड़ें यह सुनकर भेड़िये पर विश्वास कर लिया और जब चुनाव का परिणाम आया तो भेड़िये चुनाव जीत गया l

चुनाव जीतने के बाद भेड़ियों ने भेड़ें के हित में कोई काम ना किया बल्कि यह कानून बनाया के हर दिन भेड़ियों के खाने के लिए भेड़ें उन्हें सुबह, दोपहर, और शाम को भेड़ें भेजेंगे l

मौखिक

1. पीला, नीला एवं हरा सियार किसका प्रतीक है?

उत्तर: पीला सीआर विद्वान, विचारक, कवि एवं लेखक है l नीला सियार नेता और पत्रकार है l हरा सीआर धर्मगुरु का प्रतीक है l

2. भेड़िया वर्तमान काल में किस का प्रतिनिधित्व करता है ?

उत्तर: भेड़िया वर्तमान काल में चुनाव जीतने वाले नेता का प्रतिनिधित्व करता है l

3. पंचायत में किस वर्ग का विजय प्राप्त हुई?

उत्तर: पंचायत में भेड़िया वर्ग को विजय प्राप्त हुए l

लिखित

1. यह कथन किसने किससे और कब कहे-
मालिक, सर्कस में भर्ती हो जाइए l

उत्तर: यह कथन सियार ने भेड़िए से कहा है l यह कथन उस समय का है जब भेड़िए ने वन प्रदेश की पंचायत के चुनाव की बात बुरे सियार को समझाई और बड़े गिरे मन से कहा चुनाव पास आता जा रहा है, अब यहां से भागने के सिवा कोई और चारा नहीं l उसी समस्या सियार ने यह बात कही है l

2. चुनाव की निकटता भेड़ों के लिए हर्ष और भेड़ियों के लिए संकट का कारण क्यों बन रही थी ?

उत्तर: चुनाव की निकटता भेड़ों के लिए हर्ष और भेड़ियों के लिए संकट का कारण इसलिए बन रही थी क्योंकि जंगल में भेड़ों की संख्या अधिक होने के कारण चुनावों में उनका विजय होगा l बहुमत मिलने के बाद किसी पशु को नहीं मारने का कानून बन गया तो भेड़ियों के भोजन के लाले पड़ जाएंगे l

3. नीले एवं हरे रंग के शेयरों ने भेड़िए के पक्ष में क्या तर्क दिया?

उत्तर: नीले रंग के सयाने भेजिए के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि भेड़े निर्बल है, कोमल है, अपनी रक्षा नहीं कर सकते l भेड़िया बलवान है इसलिए उनके हाथ में अपने हितों को छोड़कर निश्चिंत हो जाओ l

हरे रंग के सियार ने भेड़िया का पक्ष लेते हुए कहा कि जो यहां त्याग करेगा वह उस लोक में पाएगा l जो यह दुख उठाएगा वह वहां सुख पायेगा l जो यहां राजा बनेगा वह प्रजा बनेगा l जो यह वोट देगा वह वह वोट पाएगा l इसलिए सब मिलकर भेड़िया को वोट दें l

4. यह एक भेड़िये की कथा नहीं है, यह सब भेड़ियों की कथा है l ऐसा कहने से लेखक का तात्पर्य क्या है?

उत्तर: प्रस्तुत कहानी में लेखक ने चुनाव जीतने वालों की तुलना भेड़िये से करते हुए कहा है कि यह सिर्फ भेड़ियों और उम्मीदवार की कथा नहीं है बल्कि आज के समय में जितने लोग चुनाव लड़ते हैं चुनाव जीते हैं यह उन सब की कथा है l

5. निम्नलिखित का व्यंग्यार्थ स्पष्ट कीजिए

(क) हर भेड़िए के आस-पास और सियार रहते ही है l
(ख) अरे कवि की बात सबकी समझ में आ जाए तो वह कवि काहे का ?

उत्तर: (क) जिस तरह हर भेड़िये के आसपास दो-चार सीआर रहते हैं उसी प्रकार हर नेता के आस-पास दो-चार चापलूस रहते ही है l

(ख) लेखक व्यंग करते हुए कहता है कि कवि की बात अगर सीधे-सीधे समझ आ जाए तो उसे अच्छा कभी नहीं माना जाता l इसलिए कभी हर किसी बात को घुमा फिरा कर कहता है l

6. प्रचारतंत्र गलत को सही और सही को गलत सिद्ध करने में सफल होता है l परंतु कहानी के आधार पर इस कथन को समीक्षा कीजिए l

उत्तर: प्रचारतंत्र के माध्यम से गलत को सही और सही को गलत साबित कर दिया जाता हैl भेड़ और भेड़िया कहानी में एक बुढा सियार नीले, पीले, और हर एसीआर को लेकर भेड़िए पक्ष में चुनाव प्रचार करते हैं जबकि उन्हें मालूम है कि भेड़िए एक हिंसक पशु है l भेड़िया को साधु बनाकर भेड़ो के सामने प्रस्तुत किया जाता है l भेड़िए के पक्ष में सियार इतना अच्छा विचार व्यक्त करता है कि भेड़ो को विश्वास हो जाता है की भेड़िया हिंसा छोड़कर समाज सेवक बन गया है l इस तरह प्रचारतंत्र के द्वारा गलत को सही ठहरा दिया जाता है l

7. यह एक जंतु कथा है या प्रतीकात्मक कथा? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए l

उत्तर: यह एक प्रतीकात्मक कथा है क्योंकि जंतु किसी ना किसी का प्रतिनिधि करता है l भेरिया चुनाव जीतने का प्रतीक है तो पीला, नीला और हरा सियाँर चापलूसी का प्रतीक है जो चुनावी उम्मीदवार की चापलूसी करता है और प्रचारतंत्र का काम भी करता है l

8. प्रस्तुत कहानी में प्रयोग भेड़, भेड़िये, और सियार आज के किस-किस वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं?

उत्तर: प्रस्तुत कहानी में भेड़ जनता की, भेड़िये चुनाव जीतने वालों की, तथा सियार चापलूसी का प्रतिनिधित्व करते हैं l

Click here for notes of other chapters of NBSE class 10 Alternative Hindi


Share with others

1 thought on “भेड़ें और भेड़िये”

Comment with facebook